अवैध कालौनीयां विकास की राह में रोड़ा , इन्हें बसाने की अनुमति देने वाले अधिकारियों पर हो सख्त करवाही

ख़बर शेयर करें

नई दिल्ली

 

देश की सर्वोच्च अदालत ने माना है की अवैध कॉलोनियों के बसने से विकास बाधित होता है, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अवैध कॉलोनियों के बसने से शहरी विकास में भारी समस्याएं हो रही है, कोर्ट ने राज्य सरकारों पर इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने को कहा है साथ ही कोई ठोस कार्य योजना बनाने के लिए भी कहा गया है। कोर्ट ने कहा कि कुकुरमुत्तों की तरह बनने वाली अवैध कॉलोनियों की वजह से शहरों में भी बाढ़ आने लगी है, जिस का परिणाम हैदराबाद और केरल में आई बाढ़ है। सर्वोच्च अदालत ने राज्य सरकारों को कहा की ऐसे अफसरों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो इन कॉलोनियों को बनाने की अनुमति देते हैं, पूरे देश के हर शहर में यह समस्या है ।

इस मामले के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक न्याय मित्र नियुक्त किया है जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीआर गवाई की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकर नारायण को इस मामले का न्याय मित्र नियुक्त किया है , शहरों में बनने वाली अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए सुझाव दो हफ्ते में देने को कहा गया है।

Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments