सरकार को चेतावनी – जीएसटी सर्वे के नाम पर उत्पीड़न बर्दास्त नही करेंगे ब्यापारी

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हल्द्वानी

 

 हल्द्वानी में प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने केंद्र सरकार द्वारा खाद्यान्न वस्तुओं पर लगाई गई जीएसटी का विरोध करते हुए नई जीएसटी नीति के तहत व्यापारियों की दुकानों के सर्वे छापे का पुरजोर तरीके से विरोध किया है, व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा का कहना है कि जब जीएसटी लागू की गई थी तब व्यापारियों को विश्वास में लिया गया था कि उनके लिए जीएसटी बेहद आसान होगी लेकिन अब तक जीएसटी में डेढ़ हजार से अधिक संशोधन किए गए हैं और अब तो सीधे-सीधे व्यापारियों की लिस्ट बनाकर उनके दुकानों में छापेमारी की कार्रवाई कर उत्पीड़न किया जाने लगा है, लिहाजा प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल ने सरकार को एक सप्ताह का समय दिया गया है जिसके पश्चात पूरे प्रदेश के बाजार बंद करने के साथ ही व्यापक आंदोलन किया जाएगा, व्यापारियों का कहना है कि छोटे छोटे व्यापारियों का जीएसटी के माध्यम से उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है जिसकी लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांव में ही रहती है ग्रामीण अर्थव्यवस्था वाले हमारे देश में एफडीआई और ऑनलाइन बिजनेस को लागू कर देने से हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमरा गई है साथ ही लघु उद्योग ,गृह उद्योग और कुटीर उद्योग लगभग समाप्ति की ओर है सरकार ने इन उद्योगों को इस तरह समाप्त करने से पहले यह सोच लेना चाहिए था कि जो लाखों लोग बेरोजगार होंगे जिनका व्यवसाय चल जाएगा उन्हें किस तरह समायोजित किया जाएगा ।
जीएसटी के जटिल प्रावधानों के कारण हमारा व्यापारी समाज बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहा है जीएसटी काउंसिल द्वारा हर बार वस्तुओं की टैक्स दरों में विधि कर देने से निरंतर महंगाई बढ़ती जा रही है रुपए का डॉलर के मुकाबले अवमूल्यन हमें श्रीलंका की परिस्थितियों की ओर देखने को मजबूर कर रहा है।
2017 में जीएसटी लागू किया गया था उस समय तत्कालीन वित्त मंत्री जी ने कहा था कि खाद्यान्न में किसी प्रकार का टैक्स नहीं लगेगा लेकिन आज खाद्यान्न को भी टैक्स की परिधि में लाया जा रहा है सरकार छोटी से छोटी वस्तुओं को भी टैक्स के दायरे में लाना चाह रही है, जैसे होटलों में ही देख लीजिए सस्ते से सस्ता होटल जिसमें गरीब इंसान रहता था 100 /200 वाली जो कमरे हैं उन पर भी 12% टैक्स लगा दिया गया है इससे सरकार की मंशा स्पष्ट दिखाई दे रही है कि सरकार अपने सारे खर्चे टैक्स ही निकालना चाह रही है जबकि सरकार को अपने खर्चों में लगाम लगानी चाहिए थी।

इस मौके पर प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के संरक्षक बाबूलाल गुप्ता , कोषाध्यक्ष एस. सी. तिवारी , मुख्य चुनाव अधिकारी प्रमोद गोयल , उपाध्यक्ष ओम जी, गुळशन छावड़ा , उधमसिंहनगर जिलाध्यक्ष राजकुमार , काशीपुर जिलाध्यक्ष सत्यभान गर्ग, नैनीताल जिलाध्यक्ष विपिन गुप्ता, हर्षवर्धन पाण्डे, हितेन्द्र , राजेश अग्रवाल, डिगंबर साह , दिनेश पन्त, सौरभ भट्ट , गौरव पाण्डे आदि उपस्थित रहे ।

 

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