राजधानी दिल्ली से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर , निशाने पर थे 5 हजार लोग !

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हो जाइए सावधान यदि आप अपनी समस्या को गूगल सर्च में डालकर सुलझाना चाहते हैं तो आप साइबर अपराध का शिकार हो सकते हैं , हल्द्वानी निवासी एक व्यक्ति द्वारा जब अपनी इंस्योरेन्स पॉलिसी खत्म होने के बाद उस इंश्योरेंस कंपनी के कस्टमर केयर का नंबर गूगल सर्च में ढूंढा गया तो वह फर्जी निकला और पॉलिसी के पैसे मिलने तो दूर उल्टा उससे ही 6 लाख की ठगी हो गई , साइबर क्राइम का यह खेल दिल्ली के लक्ष्मीनगर मेट्रो स्टेशन के पास एक घर से चलाया जा रहा था , पुलिस को पकड़े गए आरोपियों के पास से कुछ अहम दस्तावेज मिले हैं जो चौंकाने वाले हैं पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस को लैपटॉप , मोबाइल, एटीएम कार्ड ,इंश्योरेंस कस्टमर डिटेल मिली है ,साइबर अपराधियों के पास पांच हजार लोगों का डाटा भी पुलिस को मिला है जो चौंकाने वाला है , इससे यह माना जा सकता है कि साइबर ठगों के निशाने पर 5000 लोग थे ।
पकड़े गए तीनों आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं मोहम्मद आदिल सिद्दीकी ,फैजल खान और सरफराज आलम नाम के ये साइबर अपराधी उत्तराखंड पंजाब हरियाणा समेत देश के कई जगहों पर घटनाओं को अंजाम देते थे ये शातिर अपराधी अपना नाम बदलकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई को चट कर जाते थे ,उत्तराखंड पुलिस ने इस साइबर नेक्सस का पर्दाफाश करने के लिए लगभग 500 मोबाइल सीम की जांच की तब जाकर पुलिस इन शातिर अपराधियों तक पहुंच पाई , आप भी सावधान रहें और गूगल सर्च पर पूरा भरोसा न करते हुए जिस भी कंपनी का नंबर आप ढूंढ रहे हैं उसकी ऑफिसियल साइट पर जाकर ही कस्टमर केयर नंबर खोजने की कोशिश करें नहीं तो साइबर ठगों का अगला शिकार आप भी हो सकते हैं ।
एसएसपी नैनीताल प्रीति प्रियदर्शनी ने लोगों से अपील की है कि वह किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कॉल मैसेज से सावधान रहें किसी भी व्यक्ति को अपना पासवर्ड ,ओटीपी ,एटीएम डिटेल शेयर ना करें अनजान लिंक , ऑनलाइन जॉब संबंधित लिंक को ओपन ना करें , किसी भी तरह के क्यूआर कोड को भी स्कैन ना करें किसी भी ऑनलाइन जानकारी को जुटाते समय बहुत सावधान रहें यदि आपको लगे कि आप ठगी का शिकार हो रहे हैं तुरंत इसकी शिकायत पुलिस को दें ।

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