पीआरडी जवानों को सिखाये आपदा प्रबंधन के गुर , आपदा सम्भावित क्षेत्रों में होगी तैनाती

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हल्द्वानी

उत्तराखंड में आपदा किसी त्रासदी से कम नहीं है, जिससे हर साल सैकड़ों गांव तबाह हो जाते हैं,
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और कैलाश मानसरोवर यात्रा भी बहुत अहम है, ये यात्राएं राज्य की पर्यटन और आर्थिकी का बहुत महत्त्वपूर्ण जरिया भी है, चार धाम यात्रा मौसम के लिहाज़ से बेहद ही संवेदनशील मानी जाती है, सन 2013 में केदारनाथ में जिस तरह की आपदा आयी उसे पूरे देश को हिलाकर रख दिया, इस घटना के बाद तो जैसे बारिस और बाढ़ उत्तराखंड की ज़िंदगी का एक हिस्सा बन गयी, लेकिन अब इन कठिन चुनौतियों से निपटने के लिए पीआरडी जवानों को प्रशिक्षण दिया गया , अल्मोड़ा जिले से आये 27 पीआरडी जवानों कों हल्द्वानी के अमृतपुर आपदा प्रबंधन केंद्र में बड़ी बड़ी चोटियों और नदी के बीच में आपदा प्रबंधन के गुर सिखाए गए , PRD के जवानों को उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से प्रशिक्षण दिया गया , ताकि वे आपदा के अलावा भीषण अग्निकांड में बचाव कार्य करने के साथ ही वर्ष भर ग्रामीणों को भी बचाव के गुर सीखा सकें।अभी तक यहाँ से 80 कोर्स के जरिये 2000 से 2500 लोगों को यह ट्रेंनिंग दी जा चुकी है।
यहाँ पर ट्रेनिंग ले रहे जवानों को आपदा के समय लोगों को बचाने के लिए पहाड़ों से नीचे उतरना और चढ़ना पड़ता है और मरीज या घायल को भी बाँध कर ऊपर तक लाना पड़ता है लिहाज़ा उनको नदी को पार करके भी लोगों को बचाने की ट्रेनिंग दी गयी , उनके मुताबिक यहाँ बहुत सी नयी बातें सीखने को मिली है जैसे रिवर क्रॉसिंग और माऊंट क्लाइम्बिंग, जो आने वाले दिनों में उन इलाको में लाभकारी होगा जहाँ आपदा के समय उनकी तैनाती होगी ।
कोर्स के सफलतापूर्वक समापन होने के बाद सभी जवानों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया , इस मौके पर आईटीबीपी के पूर्व कमांडेंट एसएस मर्तोलिया ,डिप्टी डायरेक्टर दीपक मर्तोलिया , ट्रेनर गोविंद रावत ,विक्रम सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे ।

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