15 जनवरी तक राजनीतिक पार्टियों को रैली ,जुलूस की इजाजत नही , धारा 144 का उलंघन भी पड़ेगा भारी

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हल्द्वानी

जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी धीराज सिह गर्ब्याल एवं एमसीएमसी (मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण कमेटी) के नोडल अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी डा0संदीप तिवारी के संयुक्त रूप से मीडिया प्रतिनिधियों के साथ विधान सभा सामान्य निर्वाचन 2022 को लेकर मीडिया सम्बन्धित विविध कार्यक्रमों की जानकारी सम्बन्धी कार्यवृत्त

बैठक मे जिला निर्वाचन अधिकारी ने मीडिया के प्रतिनिधियों को अवगत कराया कि भारत निर्वाचन आयोग से प्राप्त निर्देशों के क्रम में आगामी 15 जनवरी तक किसी भी दल को रैली, जुलूस एवं अन्य कार्यक्रम की अनुमति नही दी गई है तथा उसके बाद जो भी दिशा निर्देशा निर्वाचन आयोग से जारी होेगें उससे सभी दलों को अवगत कराया जायेगा। उन्होने बताया कि प्रशासन द्वारा सभी प्रकार की प्रचार सामग्री हटा ली गई है तथा कई स्थानों पर दीवार लेखन विभिन्न राजनैतिक दलों द्वारा प्रचार हेतु किया गया है जिसके लिए हिदायत दी गई है कि सभी दल इस लेखन को तत्काल हटाने की कार्यवाही करें। उन्होने बताया कि कोविड 19 के दिशा निर्देशो के तहत सभी दलों को मास्क, सेनेटाजेशन,थर्मल स्कैनिंग के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का परिपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त डोर टू डोर प्रचार हेतु 5 व्यक्तियों को ही अनुमति दी जायेगी क्योंकि जनपद में धारा 144 लागू है तथा इसका उल्लंघन करने पर आईपीसी की धारा 188 के अन्तर्गत सम्बन्धित के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही अमल मे लाई जायेगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने मीडिया के प्रतिनिधियों को बताया कि किसी भी दल या अभ्यर्थी को ऐसा कोई कार्य नही करना है जो विभिन्न जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदाय के बीच विद्यमान मतभेदों को बढाए या धृणा की भावना को उत्पन्न करे या तनाव पैदा करे। उन्होने कहा कि स्वतन्त्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन सम्पन्न कराने के  साथ ही कोविड 19 के संक्रमण से लोगों को सुरक्षित रखना उनकी प्राथमिकता मे है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में कोविड के मदद्ेनजर एक चिकित्सक की तैनाती की जा रही है। उन्होने बताया कि सभी दलों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर जनपद के चिन्हित 47 स्थानो पर रैली जनसभा आदि की अनुमति के अलावा नगर निगम क्षेत्रान्र्तगत प्रचार हेतु पोल कियोस्क एवं होर्डिग्स लगाने की सुविधाये दी जायेगी।
उन्होने बताया कि निर्वाचन हेतु ईवीएम एवं कार्मिकों की ड्यूटी के रेंडीमाइजेशन के दौरान मीडिया के प्रतिनिधियों को भी बुलाया जायेगा। उन्होेने  बताया गया कि  बाहरी स्थानों से आने वाली प्रचार सामग्री हेतु मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जनपद की प्रचार सामग्री हेतु जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा उनके द्वारा नामित अधिकारी तथा विधान सभा क्षेत्र हेतु रिटर्निग आफीसर से अनुमति ली जानी आवश्यक है। उन्होने बताया कि सोशल मीडिया सम्बन्धित शासकीय दरों की जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी। इसमे आपत्तिजनक टिप्पणी भारत की अखंडता एवं सम्प्रभुता एवं धार्मिक उन्माद फैलाने वाले दलों, प्रत्याशियों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही भी की जायेगी ।

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