नई दिल्ली/नैनीताल

देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड की न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी सबसे बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के स्थानांतरण मामले में महत्वपूर्ण आदेश देते हुए राज्य सरकार को हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में हाईकोर्ट स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद वर्षों से चल रही हाईकोर्ट शिफ्टिंग की बहस निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।
हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित करने का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में था। राज्य सरकार पहले ही गौलापार में भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी थी, लेकिन विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक कारणों से मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। अब सर्वोच्च न्यायालय के ताजा निर्देश के बाद नई हाईकोर्ट के निर्माण और स्थानांतरण की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट को मैदानी क्षेत्र में स्थानांतरित करने के पक्ष में बेहतर सड़क संपर्क, अधिक भूमि, आधुनिक न्यायिक परिसर, पार्किंग, अधिवक्ताओं के चैंबर और आम लोगों की आसान पहुंच जैसे तर्क दिए जाते रहे हैं। वहीं, नैनीताल बार एसोसिएशन और कई स्थानीय संगठनों ने वर्षों से इस स्थानांतरण का विरोध भी किया है।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब राज्य सरकार को गौलापार में प्रस्तावित हाईकोर्ट परिसर से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताओं, निर्माण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाना होगा। इस फैसले को उत्तराखंड की न्यायिक व्यवस्था के इतिहास में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।