हरिद्वार
हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र स्थित पथरेश्वर महादेव मंदिर से एक सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का मामला सामने आया है। मंदिर से जुड़े दो साधुओं के शव जंगल में गड्ढा खोदकर दबाए जाने की सूचना मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दोनों शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। प्रारंभिक जांच में मंदिर के मुख्य पुजारी पर संदेह जताया जा रहा है, जो घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, मंदिर के एक सेवादार ने पथरी थाने में सूचना दी कि मंदिर में रहने वाले दो साधु कई दिनों से लापता हैं। उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में गुमशुदगी को देखते हुए किसी अनहोनी की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रविंद्र सिंह पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
जांच के दौरान पुलिस ने मंदिर परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र की बारीकी से तलाशी ली। इसी दौरान मंदिर के समीप जंगल में एक संदिग्ध स्थान चिन्हित किया गया। जब वहां खुदाई कराई गई तो गड्ढे से दोनों साधुओं के शव बरामद हुए। शवों की हालत देखकर आशंका जताई जा रही है कि हत्या करने के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उन्हें गड्ढा खोदकर दफना दिया।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। मृतकों की पहचान और हत्या के सही समय तथा कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो सकेगा।
प्रारंभिक जांच में मंदिर के मुख्य पुजारी की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। घटना के बाद से उसके फरार होने के कारण पुलिस का शक और गहरा गया है। उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। आपसी विवाद, संपत्ति, मंदिर प्रबंधन या अन्य किसी कारण सहित सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले का जल्द खुलासा करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।
इस दोहरे हत्याकांड से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में दहशत का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है।