पीएमजीएसवाई के तहत बनी ग्रामीण सड़कों का कैसे होगा जीर्णोद्धार , सरकार के पास बजट का रोना

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देहरादून

 

उत्तराखण्ड के ग्रामीण इलाकों में आने वाले दिनों में लोगों को यातायात के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है , दरअसल
ग्रामीण इलाकों में पीएमजीएसवाई द्वारा बनाई गई सड़कों के रखरखाव के लिए ग्राम विकास विभाग के पास बजट ही नहीं है , जिसके चलते सड़कों की हालत बेहद खराब है , मानसून आने में कुछ ही वक्त बाकी है लेकिन सड़कों की हालत अभी तक सुधरी नहीं है । ग्रामीण क्षेत्रों में पीएमजीएसवाई के अंतर्गत बनने वाली सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास विभाग की होती है जो इन सड़कों का 5 साल तक रखरखाव करता है और इसके बाद पुनः निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर देता है , लेकिन पिछले 5 सालों में ग्रामीण सड़कों की हालत इतनी खराब है कि उन्हें लोक निर्माण विभाग ने लेने से इंकार कर दिया है यदि लोक निर्माण विभाग इन सड़कों को अपने अंडर में नहीं लेता है तो आने वाले समय में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है । मानसून सिर पर है और विभाग के पास बजट नहीं है जबकि सड़कों की हालत बेहद खराब है इससे लगता है कि आने वाले समय में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा । पीएमजीएसवाई के तहत वर्तमान में उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में लगभग 500 सड़कें ऐसी हैं जो अपनी मियाद पूरी कर चुकी हैं , अब इन सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया जाना है लेकिन लोक निर्माण विभाग ने सड़कों की खस्ता हालत को देखते हुए इन सड़कों को लेने से इनकार कर दिया है लोक निर्माण विभाग ने एक सर्वे कर मात्र 176 सड़कों को लेने की मंजूरी दी है ।

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