देहरादून

मई महीने में ही उत्तराखंड में मानसून जैसे हालात बनने लगे हैं। प्रदेशभर में अचानक बदले मौसम ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पहाड़ से लेकर मैदान तक तेज बारिश, ओलावृष्टि, गरज-चमक और तेज अंधड़ का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों को बेहद संवेदनशील बताते हुए कई जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। खासकर चारधाम यात्रा मार्गों पर मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, जिससे यात्रियों और स्थानीय प्रशासन की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। राजधानी देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और टिहरी समेत कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। वहीं हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और हल्द्वानी जैसे मैदानी इलाकों में भी तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए भी मौसम विभाग ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री मार्गों पर तेज बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मई के महीने में इस तरह की गतिविधियां सामान्य नहीं मानी जातीं। लगातार बदल रहे मौसम के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। कई जगहों पर दिन में भी ठंड का एहसास होने लगा है। ओलावृष्टि से फसलों और बागवानी को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा बिजली चमकने के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन ने भी नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।
प्रदेश में मई के महीने में मानसून जैसे हालात ने साफ संकेत दे दिए हैं कि इस बार मौसम का मिजाज असामान्य बना हुआ है, और आने वाले दिनों में उत्तराखंड को मौसम की और बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।