कुमाऊँ

(हल्द्वानी न्यूज) यूजीसी कानून के खिलाफ सवर्ण समाज की महाआक्रोश रैली 21 फरवरी को, रामलीला मैदान में जुटेगी हजारों की भीड़

हल्द्वानी

 

सवर्ण शक्ति संगठन(उत्तराखंड) के संयोजक प्रकाश हर्बोला द्वारा पत्रकार वार्ता की गई जिसमें यूजीसी के काले कानून के विरोध में सवर्ण शक्ति संगठन के संयोजक प्रकाश हर्बोला ,सहसंयोजक भुवन भट्ट, सदस्य जगत सिंह बिष्ट ,सदस्य मनोज अग्रवाल, सदस्य तरूण वानखेड़े, आदि लोग उपस्थित रहे।
सवर्ण शक्ति संगठन के संयोजक प्रकाश हर्बोला जी ने कहा की यूजीसी की गाईडलाईन मे ही भेदभाव है जो की प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है झूठी शिकायत दंड दर्ज कर उस व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही हो जायेगी, लेकिन गलत शिकायत करने वाले का कुछ नही होगा।
जिसकी शिकायत की गई उस व्यक्ति का कैरियर बर्बाद हो जायेगा उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। केंद्रीय मंत्री मा० धर्मेंद्र प्रधान जी ने कहा है कि किसी के खिलाफ गलत नहीं होगा क्या… आजीवन मंत्री रहेंगे अगर नहीं रहे तो क्या दूसरे मंत्री भी जो आप कहेंगे वही करेंगे, आपने कानून ही ऐसा बनाया जो भेदभाव करता है।
हर्बोला ने कहा कि आपने दूसरा पाप यह किया की अगडे के सामने पिछडो को खडा कर दिया तुम एक दूसरे के दुश्मन हो यह तुम्हारा उत्पीड़न करते है और तुम पिडित हो तुमको इनकी शिकायत करनी है।
तुम इनकी जिन्दगी बर्बाद कर सकते हो।
सरकार कहती सुप्रीम कोर्ट ने कहा रोहित वेमूला केस मे गाईडलाईन बनाओ एस०सी, एस०टी के साथ आपने ओबीसी को भी जोड दिया जो कोर्ट ने नही कहा था।
क्या आप बताऐगे की जो शिकायतकर्ता झूठा पाया जाये उसके खिलाफ कोई एक्शन नहीं होगा, बताए आपने ऐसा क्यो किया, कोर्ट ने तो ऐसी कोई गाइडलाइन नहीं दी।
आपने पहले ही एक पक्ष को दोषी मान लिया यह तो उसी प्रकार है जैसा यूपीए सरकार ने एंटी क्रिमिनल बिल बनाया था।
दंगा कहीं भी हो दोषी हिंदू ही माने जाएंगे, यहां आपने कहा भेदभाव कोई भी करें दोषी सवर्ण ही माने जाएंगे यह नियम कैसे चल सकता है।
स्टूडेंट टीचर के खिलाफ टीचर प्रधानाचार्य के खिलाफ प्रधानाचार्य वॉइस चांसलर के खिलाफ जो भी गलत लगेगा किसी को किसी के खिलाफ जो भी गलत लगेगा वह शिकायत करेगा उसकी जांच नहीं होगी तो विद्यालय, विश्वविद्यालय, टीचर सभी को सजा मिलेगी और विद्यालय की मान्यता रद्द कर डिग्री देने का अधिकार भी छीन लिया जाएगा जो न्याय के सिस्टम के विपरीत है हमारे वहां मल्टी लेयर सिस्टम है लोअर कोर्ट का अपर कोर्ट में अपर कोर्ट से हाईकोर्ट में हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट की बेंच में बेंच से राष्ट्रपति के वहां अपील की जा सकती है।
लेकिन यहां इक्विटी बोर्ड के फैसले के खिलाफ कहीं कोई अपील का प्रावधान नहीं है।
इक्विटी बोर्ड में सवर्ण को शामिल न करना ही उनके मौलिक अधिकारों का हनन है, इक्विटी बोर्ड में एस०सी, एस०टी,ओबीसी, महिला, दिव्यांग, मेंबर का प्रावधान है स्वर्ण का नहीं है।
सहसंयोजक भुवन भट्ट ने कहा कि हमारे बच्चों के भविष्य के सखथ खिलवाड़ बर्दास्त नही किया जायेगा, हम किसी वर्ग के खिलाफ नही है, लेकिन उस प्रणाली पर सवाल है जहां न्याय की प्रक्रिया एक तरफ होती दिखाई दे रही है शिक्षा संस्थान डर नहीं संवाद और ज्ञान के केंद्र होने चाहिए हम मांग करते हैं कि नियमों पर पुनर्विचार करना चाहिए सभी छात्रों के लिए सम्मान और समान शिकायत तंत्र बने और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए,।

भुवन भट्ट ने कहा की बच्चों के साथ स्कूल में भेदभाव बढ़ाना ठीक नहीं इससे आपस में जातियों में भेदभाव बढ़ेगा बच्चे हमारे स्वतंत्र हैं उनका मौलिक अधिकारों में जीने दो इसके खिलाफ हम लोग 21 तारीख को रामलीला मैदान हल्द्वानी मै एकत्रित होकर वहां से आक्रोश महारैली लेकर डीएम कार्यालय तक एक रैली निकाल कर डीएम साहब को ज्ञापन प्रेषित करेंगे स्वर्ण झुकेगा नहीं अपने अधिकारों को लेकर रहेगा हर बार हम स्वर्ण सभी वर्गों का सम्मान करते हैं जहां पर अधिकारों की बात आएगी और अगर समाज को दबाया जाएगा तो आवाज को बुलंद करने में देर नहीं लगेगी इसलिए समय यूजीसी के काले कानून को वापस ले लेना चाहिए।
वार्ता मे जगत सिंह बिष्ट, त्रिलोक सिंह बिष्ट, तरूण वानखेड़े,मनोज अग्रवाल,भुवन भट्ट, प्रताप जोशी, योगेंद्र भट्ट आदि उपस्थित रहे।

आपका खबरिया प्रदेश तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार या ख़बरों को प्रसारित करने हेतु हमसे संपर्क करें। धन्यवाद

संपादक –

नाम: तारा चन्द्र जोशी
पता: तीनपानी, बरेली रोड, हल्द्वानी
दूरभाष: 9410971706
ईमेल: [email protected]

To Top