हल्द्वानी

दीपावली के दौरान आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए हल्द्वानी शहर और उसके आसपास 18 हाइड्रेंट सिस्टम लगाए गए हैं जिनमें से 9 हाइड्रेंट जल संस्थान के अधीन है लेकिन मजे की बात यह है कि यदि आगजनी की कोई घटना हो जाए तो इन हाइड्रेंट में पानी की अलग से सप्लाई लाइन नहीं बनी है।
यह हाइड्रेट पेयजल लाइन के भरोसे काम कर रहे हैं, दीपावली के दौरान यदि आगजनी की घटना हो जाती है तो ऐसे में आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड टीम को घण्टों जूझना पड़ता है, क्योंकि हाइड्रेंट पेयजल के भरोसे कम कर रहे हैं, यदि उस समय पेयजल की सप्लाई नहीं हो रही है तो हाइड्रेंट काम नहीं करेंगे, ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर यह सिस्टम कब प्रॉपर तरीके से काम करेंगे, और कब आग की घटनाओं पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सकेगा, बीते वर्ष दीपावली के दौरान हल्द्वानी बाजार क्षेत्र की एक दुकान में भीषण आग लगी थी और पूरी दुकान जलकर खाक हो गई थी, और उस समय भी हाइड्रेट सिस्टम ने पूरी तरह से काम नहीं किया था, क्योंकि हाइड्रेट सिस्टम में पानी का इतना फोर्स नहीं था कि उससे आग पर काबू पाया जाता, इस घटना के बाद जांच बिठाई गई लेकिन उस जांच में क्या नतीजा निकल कर सामने आया यह आज तक किसी को पता नहीं है, जल संस्थान की यदि बात करें तो उनके अधिशासी अभियंता का कहना है कि हाइड्रेंट के लिए अलग से लाइन बिछाने का प्रस्ताव उन्होंने बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजा है, मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन मंजूरी कब मिलेगी यह कोई नहीं बता सकता, मुख्य अग्निशमन अधिकारी दमकल विभाग गौरव किरार ने बताया कि यदि लाइन में पानी होगा तभी हाइड्रेंट काम करते हैं नहीं तो ओवरराइड टैंक से दमकल वाहनों को पानी लेना होता है, उन्होंने बताया कि जो हाइड्रेंट सिस्टम आग की घटनाओं पर त्वरित काबू पाने के लिए जगह-जगह लगाए गए हैं लेकिन उनमें अलग से पानी के सप्लाई की व्यवस्था नहीं की गयी है।
अब सवाल उठता है कि यदि कहीं पर आग लगने की घटना हो जाती है तो ऐसे में बिजली विभाग बिजली सप्लाई को बंद कर देता है और जब बिजली सप्लाई बंद हो जाएगी तो पेयजल लाइनों में पानी कैसे आएगा, ऐसे कई और सवाल सामने हैं जिनका नतीजा कब निकल कर सामने आएगा यह कोई नहीं जानता। फिर आगजनी की घटनाएं होंगी फिर विभाग एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करेंगे कि इनकी वजह से हुआ हमारी कोई गलती नही, फिर जांच बैठेगी वो जांच फाइलें कहाँ गयी उनका क्या नतीजा निकला, कौन दोषी पाया गया, ये किसी को पता नही चलेगा, फिलहाल आप सभी से अपील है कि अपने परिवार के साथ दीपावली मनाएं, लेकिन पूरी सतर्कता के साथ, क्योंकि सरकारी सिस्टम कैसे काम करता है, सब राम भरोसे है।

