उधम सिंह नगर
जनपद में अवैध खनन के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय गणपति ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है। ड्यूटी के प्रति लापरवाही और अवैध खनन की गतिविधियों पर लगाम लगाने में नाकाम रहने पर एसएसपी ने शक्तिफार्म चौकी प्रभारी समेत कुल 8 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
पिछले कुछ समय से शक्तिफार्म और आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आरोप थे कि शासन-प्रशासन की सख्ती के बावजूद खनन माफिया बेखौफ होकर अवैध खनन को अंजाम दे रहे हैं। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए एसएसपी अजय गणपति ने गोपनीय तरीके से जांच करवाई, जिसमें पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हुए।
जांच में यह बात सामने आई कि स्थानीय चौकी और वहां तैनात पुलिसकर्मी अवैध खनन को रोकने के प्रति गंभीर नहीं थे और उनकी कार्यशैली में घोर लापरवाही पाई गई। इसे अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति उदासीनता मानते हुए एसएसपी ने सख्त रुख अख्तियार किया।
एसएसपी के आदेश के अनुसार, शक्तिफार्म चौकी प्रभारी (SI) के साथ-साथ वहां तैनात अन्य 7 पुलिसकर्मियों को एक साथ लाइन हाजिर किया गया है।
1- प्रकाश चन्द्र भट्ट,चौकी प्रभारी
2- सुरेंद्र सिंह बोरा, अपर उप निरीक्षक
3- भूपेंद्र प्रसाद
4- दीपक सिंह नेगी
5- भवान सिंह
6- भुवन चंद
7- तुलसी प्रसाद भट्ट
8- हरीश कबड़वाल
इतनी बड़ी संख्या में एक साथ हुई इस कार्रवाई ने जिले के अन्य थाना क्षेत्रों के प्रभारियों की भी धड़कनें बढ़ा दी हैं।
एसएसपी अजय गणपति ने पदभार ग्रहण करते ही स्पष्ट कर दिया था कि जिले में अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों को चेतावनी दी थी कि जो भी वर्दीधारी किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया जाएगा या अपनी ड्यूटी में कोताही बरतेगा, उसके खिलाफ इसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिसकर्मियों पर हुई इस गाज के बाद अब अवैध खनन में जुटे माफियाओं में भी डर का माहौल है। जानकारों का मानना है कि एसएसपी की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि अब केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर कड़े फैसले लिए जा रहे हैं।